Sad News बस्ते में रह गई स्कूल की खुशियाँ, बीच सड़क पर 10 साल के मासूम की आँखों के सामने दम तोड़ गए पिता
अधूरा रह गया स्कूल का सफर: कातिल रफ्तार ने उजाड़ा एक मासूम का घर

Sad News : गुरुग्राम के इफको चौक पर बुधवार की सुबह सरहोल गांव के रहने वाले 45 वर्षीय दीपक कुमार हर रोज की तरह अपने 10 साल के मासूम बेटे को स्कूटी पर बैठाकर सोहना रोड स्थित उसके स्कूल छोड़ने निकले थे। पिता-पुत्र की बातों और भविष्य के सपनों के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि मौत सड़क के मोड़ पर घात लगाए बैठी है। सुबह करीब सवा सात बजे, जब उनकी स्कूटी हाईवे पर पहुंची, तभी पीछे से आई एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कैब ने उनकी दुनिया उजाड़ दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिता और पुत्र दोनों सड़क पर जा गिरे। बेरहम कैब चालक ने रुकने के बजाय जमीन पर गिरे दीपक को कुचल दिया और मौके से रफूचक्कर हो गया। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले उस मासूम बच्चे के सामने उसके पिता सड़क पर तड़प रहे थे। जिस पिता की उंगली पकड़कर वह चलना सीखा, आज उन्हीं को बेबस हालत में देख वह बच्चा चीखता रहा, लेकिन दीपक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही सेक्टर-29 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने जब वहां का मंजर देखा, तो उनकी रूह भी कांप गई। एक तरफ पिता का शव पड़ा था और दूसरी तरफ बुरी तरह सहमा और घायल मासूम अपने पिता को वापस बुलाने की जिद कर रहा था। पुलिस ने बच्चे को संभालते हुए परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी। पशुपालन विभाग में कार्यरत दीपक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए उस कातिल कैब की तलाश कर रही है, जिसने एक मासूम के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया।










